खेतासराय जौनपुर 15 फरवरी 2026 युवाओं ने तय किया अपना एजेंडा, तैयार किया रोडमैप – सही और गलत से परे’ क्षेत्रीय संवाद में आठ समूहों ने साझा कीं जरूरतें, तीन प्राथमिक मुद्दों पर लिया संकल्प

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खेतासराय जौनपुर 15 फरवरी 2026
युवाओं ने तय किया अपना एजेंडा, तैयार किया रोडमैप

 सही और गलत से परे’ क्षेत्रीय संवाद में आठ समूहों ने साझा कीं जरूरतें, तीन प्राथमिक मुद्दों पर लिया संकल्प

जौनपुर। जकारिया मुनीर इंटरनेशनल स्कूल, मनेछा ख़ेतसराय में आयोजित ‘सही और गलत से परे: युवा नेतृत्व बदल रहा है दुनिया की तस्वीर’ क्षेत्रीय संवाद में युवाओं ने खुलकर अपनी जरूरतें और आकांक्षाएं सामने रखीं। कार्यक्रम का आयोजन आजाद शिक्षा केंद्र, कम्युनिटी द यूथ कलेक्टिव और वार्तालीप कोएलिशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
कार्यक्रम में कुल 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिनमें युवाओं की संख्या अधिक रही। सभी प्रतिभागियों को आठ समूहों में बांटकर अलग-अलग गोलमेज चर्चा कराई गई। प्रत्येक समूह ने अपनी-अपनी प्राथमिक जरूरतों पर विचार-विमर्श किया और फिर तीन प्रमुख मुद्दों को चुनकर उन्हें पूरा करने के लिए ठोस रोडमैप तैयार किया।
चर्चा के दौरान युवाओं ने रोजगार की आवश्यकता, बेहतर अंक प्राप्त करने की आकांक्षा, पर्यावरण संरक्षण, समाज में भाईचारे और बंधुत्व को मजबूत करने, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों पर रोक लगाने, लैंगिक समानता सुनिश्चित करने और संविधान के मूल्यों को समुदाय में स्थापित करने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाईं।
कुछ युवाओं ने कहा कि उन्हें अवसरों की समानता चाहिए, तो कुछ ने शिक्षा और मार्गदर्शन की बेहतर व्यवस्था की जरूरत बताई। कई प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि समाज में बढ़ती वैचारिक दूरी को कम करने के लिए संवाद की संस्कृति को मजबूत करना जरूरी है।
हर समूह से निकली जरूरतों में से तीन प्रमुख मुद्दों को प्राथमिकता के तौर पर चुना गया। इसके बाद बड़े समूह में सभी ने अपने-अपने टेबल से तैयार रोडमैप साझा किया और इन्हें अमल में लाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस प्रक्रिया ने युवाओं को समस्या के समाधान की दिशा में ठोस सोच विकसित करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डी.डी. दुबे ने किया। उन्होंने कहा कि इंसान का दिमाग स्वयं सही-गलत का एहसास कराता है। यदि हम अपने भीतर की उस चेतावनी को नजरअंदाज करेंगे तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं को मोबाइल के दुष्प्रभावों से सावधान रहने की भी सलाह दी।
समापन सत्र में फरीद-उल-हक मेमोरियल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. तबरेज आलम ने कहा कि ऐसे संवाद युवाओं को दिशा देने का काम करते हैं। डॉ. रघुवंश मणि पांडे ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज में बड़े बदलाव की आधारशिला बन सकती है।
संचालन विशाल एवं निसार अहमद ने किया। अंत में जकारिया इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक निजामुद्दीन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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