हरियाणा चुनाव ईवीएम मशीन ठगी का प्रमाण ?

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हरियाणा चुनाव ईवीएम मशीन ठगी का प्रमाण ?

इतिहास से जानकारी होती है कि १९८४ में संसद में ईवीएम मशीन का प्रस्ताव लाने वाले कांग्रेस के  अभिषेक मनु सिंघवी है।प्रस्ताव पर अनुमोदन करने वाले व्यक्ति अटल बिहारी वाजपेयी (भाजपा) प्रकाश खरात (सीपीआई ) है। ईवीएम मशीन सरेआम वोटों की गड़बड़ी हडप्पने चोरी हो रही है जानकारों द्वारा डेमो कराकर प्रमाण दिया जा रहा है,लेकिन चुनाव आयोग इससे मानने से इंकार कर रहा है। ईवीएम मशीन के प्रस्ताव पर पुर्वं प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने आयोग को लिखित आवेदन देकर विरोध किया था। लेकिन वीपी सिंह अकेले पड़ गए थे।२४ सितंबर १९८५ को ईवीएम मशीन का प्रस्ताव पास मंजूर कर लिया गया। और २ जनवरी १९८६ को राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ईवीएम मशीन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हुए और भारत में लागू हो गया। ईवीएम मशीन से किसे हराना और जीतना आम बात हो गई है। ईवीएम मशीन के संदर्भ में  कांग्रेस कुछ बोल नही पा रही है।कांग्रेस बीजेपी एक हैं क्षेत्रीय पार्टियो के नेता किसी ना किसी दबाव या स्वार्थ के चक्कर में मौन हैं और  छुटभैय्ए नेता भी मौन हैं केवल बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय वामन मेश्राम के अलावा कोई लड़ता दिखाई नहीं दे रहा हैं।कांग्रेस बीजेपी एक हैं क्षेत्रीय पार्टियो के नेता किसी ना किसी दबाव या स्वार्थ के चक्कर में मौन हैं और छुटभैय्ए नेता भी मौन हैं हरियाणा में जीतने वाले हार का मुंह देख रहे और वोटों को लुट कर सरकार बन रही है। महाराष्ट्र और झारखंड में भी ईवीएम मशीन से खेला होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।ईवीएम मशीन का ठगी का प्रमाण है कि अब जनता के सेवक प्रतिनिधि चुनाव के लोकतंत्र से नहीं चुने जाने वाले है ईवीएम मशीन से चुने जायेंगे।

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