5 फरवरी को महिलाओ के अधिकार के लिए नहेरु शासन काल मे हिन्दु कोड बील विधेयक संसद मे पेश किया था बाबा आम्बेकर ने महिलाओ को पता होना चाहिए.
5 फरवरी को महिलाओ के अधिकार के लिए नहेरु शासन काल मे हिन्दु कोड बील विधेयक संसद मे पेश किया था बाबा आम्बेकर ने महिलाओ को पता होना चाहिए.
तत्कालीन प्रबुद्ध वर्ग से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की, लेकिन कोई भी उनके पीछे मजबूती से खड़ा नहीं हुआ।
बाबासाहेब ने संविधान में जो मूल्य स्थापित किए थे, उन्हें वे सम्मान नहीं दे सके। उन्होंने 21 सितंबर 1951 को कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। यदि यह विधेयक उस समय पारित हो जाता तो भारत सही मायने में विश्व शक्ति बन जाता।
बाबासाहेब के साथ वैचारिक मतभेद रखने वाले आचार्य अत्रे कहते हैं, “अगर अंबेडकर के हिंदू कोड बिल को स्वीकार कर लिया जाता, तो हिंदू समाज में सभी मतभेदों, अन्याय और असमानताओं को समाप्त करके हिंदू समाज उज्ज्वल और मजबूत होता। भारत के पाँच हज़ार वर्षों के इतिहास में, वह क्रांति हुई होगी जो किसी ने नहीं की थी। लेकिन दुर्भाग्य से भारत के लिए, दुर्भाग्य से हिंदू समुदाय के लिए! ! समाज ने भगवान जैसे अंबेडकर से हाथ मिलाकर आत्महत्या कर ली।
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने भारतीय महिलाओं के प्रति जो आभार व्यक्त किया है, वह अपूरणीय है। हर महिला को इसके बारे में पता होना चाहिए।
More Stories
बौध्द विहारो मे आम्मेडकरी बौध्द आनुयाईयो द्वारा र्अषाढ पुर्णिमा अर्थात गुरू गुरुपूर्णिमा से तीन महीने का वर्षावास
बौध्द विहारो मे आम्मेडकरी बौध्द आनुयाईयो द्वारा तीन महीने का वर्षावास प्रारम्भ। (more…)
नल कनेक्शन शुल्क एवं जलकर जमा करने वार्डों में लगेंगे शिविर*
*नल कनेक्शन शुल्क एवं जलकर जमा करने वार्डों में लगेंगे शिविर* (more…)
शिक्षा में युवा नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों पर मंथन
शिक्षा में युवा नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों पर मंथन .चैंपियन शिक्षकों के सम्मान के साथ संविधान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का...
विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएम को सौंपा ज्ञापन – जल संरक्षण और शहर में सड़क किनारे पौधारोपण की उठाई मांग
[Best_Wordpress_Gallery id="11"] दिनांक: 05 जून 2026. स्थान: जौनपुर प्रकाशनार्थ सूखते जल स्रोत और घटती छांव पर सोशल फोरम ने उठाई...
