मध्य प्रदेश का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे क्स्पेशलिस्ट विश्यनीयविश्वयज्ञ  डाक्टर है न जाँच उपचार की टुल मशीने?

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मध्य प्रदेश भोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे  क्स्पेशलिस्ट विश्यनीयविश्वयज्ञ  डाक्टर है न जाँच उपचार की टुल मशीने?

भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित मध्यप्रदेश के भोपाल मे लाखो करोडो रुपये खर्च से स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेदिक विज्ञानं संथान क
के तत्वावधान मे
सस्ता विश्वनीय स्पेलिसिटी चिकित्सा उपचार चिकित्सा वदुर दराज क्षेत्रो मे रहने वाले गरीब वंचित पिछडो के चिकित्स सुविधा के लिए मध्यप्रदेश भोपाल में
एभ्स अस्पताल स्थापना की गई है। लेकिनभोपाल का एम्स एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे है। विश्वनियडाक्टर स्पेशलिस्ट डाक्टर विश्वेयज्ञ है न जाँच की मशीने, मरीजों से बिमारी सामन्य पुछताक्ष गोली दवाई लिखकर चलता कर देते है। रोगी मरीज स्सता स्पेशलिस्ट विश्वयज्ञ डाक्टर के चक्कर मे हजारों रुपये खर्च करके एम्स अम्पताल भोपाल जाता है और ठगासा महसूस करता है। 11-12 सितम्बर 26 को मस्तिष्क रोगी (मरीज) सारनी बैतूल सेकडो रुपये पैसे खर्च करके से भोपाल के एम्स अस्पताल अच्छा जाँघ उपचार के मकसद सेवा भाव से गया लेकिन वहा उसे उपचार के नाम पर ठगा महसूस करताहै
[11-12 सितम्बर क26 की भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित मध्यप्रदेश के भोपाल मे लाखो करोडो रुपये खर्च से स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेदिक विज्ञानं संथान क
के तत्वावधान मे स्थित एम्स अस्पताल सस्ता विश्वनीय स्पेलिसिटी चिकित्सा उपचार चिकित्सा वदुर दराज क्षेत्रो मे रहने वाले गरीब वंचित पिछडो को चिकित्स सुविधा को देखते एभ्स अस्पताल स्थापना की गई है। लेकिनभोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे Sl खोटे है विश्वनियडाक्टर स्पेशलिस्ट विश्वेयज्ञ है न जाँघ की मशीने मरीजों से बिमारी सामन्य पुछताक्ष गोली दवाई लिखकर चलता कर देते है। रोगी मरीज स्सता स्पेशलिस्ट विश्वयज्ञ डाक्टर के चक्कर मे हजारों रुपये खर्च करके एम्स अम्पताल भोपाल जाता है और ठगासा महसूस करता है। 11-12 सितम्बर 26 को मस्तिष्क रोगी (मरीज) सारनी बैतूल से सेकडो रुपये पैसे खर्च करके भोपाल के एम्स अस्पताल अच्छा जाँघ उपचार के मकसद सेवा भाव से गया लेकिन वहा उसे उपचार के नाम पर ठगा
महसूस हुआ। क्योकि रोगी मरीज के मस्तिष्क का सिटिस्केन (एम आईआर) की किया आवश्यकता नहीं की ) बैतूल के नीजी हास्पीटल सिटीस्कीन एमाआई देखकर गोली दवाई लिखटर चलता कर दिया। शासन केस्थापित एम्स जैसे सरकारी अस्पताल के डाक्टरो की उदासीनता लापरवाही चिकित्सा उपचार के चलते गरीब नीजि अस्पतालो उपचार करना बेहतर समते है। आयुष्मान योजना लाभ निजी अस्पताल उठाकर मनमाना कमा रहे है।

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