शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बगडोना मे डाक्टर नही.दो कर्मचारी के भरोसे स्वास्थ्य केन्द्र डाक्टर के नाम पर ठेगा
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बगडोना मे डाक्टर नही.दो कर्मचारी के भरोसे स्वास्थ्य केन्द्र डाक्टर के नाम पर ठेगा
शहरी गरीब, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों और कमजोर वर्ग को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिए वार्ड क्र. 36 बगडोना मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शुरू किया है लेकिन स्थाई डाक्टर नियुक्त नही किया गया है.डाक्टर नही होने से मरिजो को चिकित्सा उपचार उपयुक्त नही हो रहा है.डाक्टर के अभाव मे मरीज परेशान है.जानकारी के अनुसार बगडोना शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मे मार्च से छःमाह के लिए अस्थाई डाक्टर माधुरी अदांडे नियुक्ति हुई थी सितम्बर से कोई डाक्टर नही है. दो कर्मचारीयो के भरोसे पुरा स्वास्थ्य केन्द्र चल रहा है.”बीएमओ का कहना है कि डाक्टर की नियुक्ति करना न करना यह राज्य शासन की जिम्मेदारी है.कोई एमबीएस शिक्षित कोई मिल जाये तो तत्काल नियुक्त कर दे लेकिन कोई मिल नही रहा है. शोभापुर कालोनी और बगडोना मे डाक्टर की आवश्यकता है.” यहा उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत 1मई 2013 को हुई जिसके तहत शहरी आबादी मे स्वास्थ्य स्तर पर सामन्य रुप से सुधार करना गरीब वंचित वर्गों के स्वास्थ्य सुधार करना के लिए घर के नजदीक 1कि. मी. के दायरे व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार निशुल्क दवाएं और किफायती गुणवत्तापुर्ण स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध करवाना है.लेकिन यहाँ तो डाक्टर का अभाव शहरी स्वास्थ्य मिशन के केन्द्रो को ठेगा दिखाया जा रहा है.
