*सावित्री फुले की पुण्यतिथि पर नागले दम्पति ने किया रक्तदान*

Spread the love
Read Time:3 Minute, 12 Second

*सावित्री फुले की पुण्यतिथि पर नागले दम्पति ने किया रक्तदान*

बैतूल:- एक महिला की जिद्द ने भारत में बालिका शिक्षा की पहल कर ऐतिहासिक कार्य किया है। इस महिला का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरो में अंकित है ,जिनका नाम आप हम सब जानते है- सावित्रीबाई फुले ।

एक ऐसी शख्सियत जिन्होंने अपने भारत देश में महिलाओं के लिए शिक्षा की अलख जगाकर महिलाओं को सशक्त किया।आज 128वी पुण्यतिथि के अवसर पर जिला चिकित्सालय बैतूल में देश की प्रथम महिला शिक्षिका नारी शिक्षा की प्रणेता महान समाज सुधारिका क्रान्ति ज्योति सावित्री फुले के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सादर नमन किया गया।

इस अवसर पर जिला चिकित्सालय बैतूल के ब्लड बैंक केंद्र पर पहुँचकर वर्षा लीलाधर नागले दम्पति ने रक्तदान किया।अनुसूचित जाति सामाजिक जन कल्याण  अजास संगठन के द्वारा 2021 से निरन्तर 10मार्च  सावित्री फुले की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता आ रहा है  अजास संगठन के जिला अध्यक्ष लीलाधर नागले ने बताया कि विगत कई वर्षों से  सावित्री फुले के  ऐतिहासिक, अविस्मरणीय ,अतुलनीय योगदान के लिये देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न सम्मान की लगातार मांग कर रहे हैं ।देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने  में विशेष कर नारी सशक्तिकरण में सावित्रीबाई फुले की मुख्य भूमिका है जिनकी बदौलत आज भारत की बेटियां, नारी शक्ति विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रही हैं।

*सावित्री फुले के सम्मान के लिए रक्तदान करती रहूंगी:- वर्षा नागले*

मैंने कभी भी रक्तदान नहीं किया था लेकिन अपने पति लीलाधर नागले के सामाजिक कार्यो को देखते हुए मेरे मन में विचार आया कि क्यों न हम ऐसी सकारात्मक शुरुआत करें जिससे लोगों को जीवनदान मिले और तब से हमारे द्वारा 2021से लगातार रक्तदान करते हुए देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री फुले के सम्मान के लिए भारत रत्न सम्मान की मांग को आगे बढ़ाने में सहभागिता कर रही हूं।

आज इस अवसर पर संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता और जिला चिकित्सालय बैतूल का स्टाफ़ मौजूद रहा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Previous post त्रिरत्न बौद्ध विहार, सारनी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया
Next post सवाल उठ रहे कि है कि रिमोट कंट्रोल से चलने वाली आटोमेटिक रुफ बोल्डिग की सुविधा मशीन होने पर छत में रुफ बोल्डिग क्यों नही की गई थी।