परम्परागत खेल कबड्डी को नई पहचान दिलाने की कवायद

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परम्परागत खेल कबड्डी को नई पहचान दिलाने की कवायद
आरडीपीएस में इंटरस्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप आयोजित

विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेल गतिविधियों में सहभागिता जरूरी-ऋतु खण्डेलवाल

बैतूल। उत्कृष्ठ शैक्षणिक संस्थान आर.डी.पब्लिक स्कूल बैतूल में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने के साथ ही उनके चहुमुखी विकास के लिए खेलकूद, कला, सांस्कृतिक सहित अन्य गतिविधियों में सहभागिता करवाई जाती है। आर.डी.पब्लिक स्कूल बैतूल में विद्यार्थियों के समग्र विकास और परम्परागत खेल कबड्डी को नई पहचान दिलाने के लिए इंटर स्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया। अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्गाे में आयोजित प्रतियोगिता में आरडीपीएस सहित अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों ने सहभागिता कर उत्कृष्ठ कबड्डी खेल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती ऋतु खण्डेलवाल ने विजेता टीमों को पुरूस्कृत किया। इस अवसर पर डायरेक्टर श्रीमती खण्डेलवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही उनमें छुपी प्रतिभाओं को उभारने के लिए मंच उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेल गतिविधियों में सहभागिता आवश्यक है। डायरेक्टर श्रीमती खण्डेलवाल ने कहा कि खेल में सिर्फ जीत-हार नही होती बल्कि टीम वर्क, लीडरशिप, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास का भी विकास होता है।

प्रतिभागियों का किया उत्साहवर्धन
आरडी पब्लिक स्कूल बैतूल द्वारा आयोजित इंटर स्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप में आर.डी. स्कूल के साथ ही बालाजी पब्लिक स्कूल, सेंट टेरेसा स्कूल, जीएचपीएय चिचोली, यूनिक स्कूल, एनबीएसएस कोठीबाजार बैतूल सहित अन्य स्कूलों के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता के अंडर-17 वर्ग में आरडीसीसी एवं अंडर-19 वर्ग में आरडीपीएस की टीम विजेता रही। आरडीपीएस की डायरेक्टर श्रीमती ऋतु खण्डेलवाल ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरूस्कृत कर सम्मानित किया।
पारम्परिक खेल कबड्डी को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी धर्मेन्द्र पंवार ने आरडीपीएस द्वारा आयोजित इंटर स्कूल कबड्डी चैम्पियनशिप की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से पारम्परिक खेल कबड्डी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ कबड्डी का स्वरूप भी बदल रहा है। कबड्डी का खेल मिट्टी से मेट तक पहुंच गया है। श्री पंवार ने कहा कि यह आयोजन न केवल कबड्डी जैसे पारम्परिक खेल को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। बल्कि छात्रों में खेल भावना और सहभागिता की प्रेरणा भी जागृत होगी।

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