संविधान निर्माता बौद्धिसत्व परमपुज्यनीय डाँ. बाबा साहब आम्बेडकर की संकल्पित राजनीतिक पार्टी भारतीय रिपब्लिकन आँफ इंडिया का 3अक्टूबर स्थापना दिवस दलित वंचित पिछडो की वास्तविक राजनीतिक दल भारतीय रिपब्लिक
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3अक्टूबर डाँं. बाबा साहेब आम्बेडकर की संकल्पित राजनीतिक पार्टी भारतीय रिपब्लिकन पार्टी आँफ इंडिया का 69वा स्थापना दिवस दिवस दलित वंचित पिछडो किसान मजदूरो का लोकतान्त्रिक प्रजातंत्रिक संविधानिक समता स्वतंत्रता बंधुत्व सिंधातवादी दल B। डाँ. बाबा साहब आम्बेडकर का अपना मत था कि आगे बढने के लिए राजनीति शक्ति आवश्यक जरुरी है। राजनीतिक सत्त्ता सामाजिक परिवर्तन की कुजी है। देश मे राजनीती दलो मे ब्राह्मण पुंजीवादियो का प्रभाव दबदबा पकड़ वर्हैचस्व। वर्ण जातिभेदभाव हावी है। इस स्थिति मे दलित वंचित पिछडे बहुजनों के लिए वास्तविक मजबूत राजनीतिक मंच आवश्यक है। सन् 1936 मे इंडिपेंडेंस लेबर पार्टी औ र शेड्यूल कास्ट फेडरेशन बनाया था लेकिन बाबा साहब आम्बेडकर जाति समाज के संकुचित दायरे से बाहर निकल कर समा्वेशी बहुजनो का राजनीती मंच बनाना चाहते थे। और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी आँफ इंडिया की संकल्पना की थी जिस पार्टी का सिंधात नियम कार्यक्रम भी बनाये थे। डाँ. बाबा साहब आम्बेडकर अपने मुख से पार्टी की घोषणा करते उसके पुर्व ही उनका महा परिनिर्वाण होगया था। उनके अनुयायीयो ने भारतीय रिपब्लिकन पार्टी की ओपनिंग 3अक्टूबर 1957 को नागपुर मे की थी और प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्षिण भारत मद्रास के महा पुरुष एन शिवराज बनाये गये थे। पार्टी का मुख्य उद्देश्य मुख्य विपक्षी दल निर्माण,दबे कुचले भुमी हीन मजदुर वंचित दलित पिछडो के अधिकार के लिए लडना संघर्ष करना अधिकार दिलवाना थाएवं समता मुलक (आदर्श समाज का निर्माण करना था। पद की लालसा स्वार्थ अतिमहत्वाकाक्षा ने बाबा साहब की संकल्पित पार्टी को हसिये पर धकेल दिया है। स्वाभिमान को गिरवी रखटर व्यक्तिगत लाभ लिया जा रहाहै। आम्बेडकरी नेताओ स्तर निम्न स्तर आ गया है।
