पारधी समुदाय के निरक्षरों ने साक्षर बनने दी परीक्षा

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पारधी समुदाय के निरक्षरों ने साक्षर बनने दी परीक्षा

नव साक्षरों ने उत्साह से दिया इम्तिहान

बैतूल। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत माध्यमिक शाला सोना घाटी में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक परीक्षा का आयोजन किया गया। नोडल अधिकारी श्रीमती शक्ति सक्सेना ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के उन लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारण से औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए थे। ऐसे 56 नवसाक्षर बड़े उत्साह और उमंग के साथ परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें पारधी समुदाय के लोग भी शामिल है। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हुई। निरीक्षण दल में शिक्षक नेमीचंद मालवीय, श्री राजेश महाले, सह समन्वयक नीलिमा शर्मा शामिल थे। 
—परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों ने नव साक्षरों का किया सम्मान—
नोडल अधिकारी श्रीमती सक्सेना ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों ने नव साक्षरों को तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ और माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। परीक्षार्थियों ने कहा कि यह उनके लिए एक नया और सकारात्मक अनुभव था। उन्होंने यह भी कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और जब भी अवसर मिले, सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्षर मित्र कविता कवड़े और सोनम अतुलकर ने स्कूल में कक्षा लगाकर 6 महीने तक नवसाक्षरों को पढ़ाया। इन अक्षर मित्रों को ग्राम भारती प्रभारी अर्चना सलामे, नोडल अधिकारी शक्ति सक्सेना, जन शिक्षक श्री महाते, सह समन्वय नीलिमा शर्मा, नेमीचंद मालवीय, रामकली काटोलकर, दुर्गा झाड़े ने मार्गदर्शन दिया। हर 6-6 माह में उल्हास नवभारत साक्षरता परीक्षा आयोजित होती है और परीक्षार्थियों को अंक सूची भी दी जाती है, जिसका लाभ बहुत सी सरकारी योजनाओं में मिलेगा।
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