“द इंडियन राबिन हुड” टंट्या मामा की पांचवी पीढ़ी से मिले फिल्म लेखक, निर्माता, निर्देशक डॉ प्रदीप उइके
“द इंडियन राबिन हुड” टंट्या मामा की पांचवी पीढ़ी से मिले फिल्म लेखक, निर्माता, निर्देशक डॉ प्रदीप उइके“
बैतूल। बैतूल में पहले ही कई एल्बमों की शूटिंग हो चुकी है और अब बैतूल जिले की बनी फिल्म “जंगल सत्याग्रह” ने विधानसभा भवन भोपाल में प्रीमियर शो से बहुत चर्चाएं प्राप्त की हैं। इस फिल्म के लेखक, निर्माता और निर्देशक डॉ. प्रदीप उइके बैतूल जिले के एक महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता के रूप में उभर कर सामने आए हैं। डॉ. प्रदीप उइके इन दिनों अपनी नई फिल्म “टंट्या मामा” पर शोध कर रहे हैं। टंट्या मामा भारतीय इतिहास के एक प्रमुख लोक नायक हैं, जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्रांत में जन जागरूकता और स्वतंत्रता संग्राम को बढ़ावा दे रहे थे। अचानक डॉ. उइके को टंट्या मामा की पांचवीं पीढ़ी से मिलने का संयोग हुआ। यह मुलाकात बैतूल जिले के शाहपुर में हुई, जहां खरगोन जिले के कोठड़ा गांव से आये किशोर सिरसाटे और उनकी पुत्रवधू सुनील सिंधे, माया सिंधे, धर्मेंद्र दागोडे, पिंकी दागोडे ने डॉ. उइके से मुलाकात की। इन सबका एक दिवसीय दौरा श्री रामदास परते आकास ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर के घर हुआ था। इस अवसर पर बैतूल के धनराज परते, राकेश सिंह, इरपाचे दुर्गेश परते, राजेंद्र परते, सजवन्ती परते समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।