19 जुलाई 1926 डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के प्रिय पुत्र राजरत्न का निधन उक्त दुःख समय में बाबा साहेब ने दलितो और अन्य उत्पीड़ित लोगों के लिए काम करने का संकल्प लिया था।

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19 जुलाई 1926 डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के प्रिय पुत्र राजरत्न का निधन उक्त दुःख के समय में बाबा साहेब ने दलितो और अन्य उत्पीड़ित लोगों के लिए काम करने का संकल्प लिया था।

19 जुलाई 1926, सोमवार को डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर के प्रिय पुत्र ‘राजरत्न’ का मुंबई के पोयबावड़ी में निधन हो गया। डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर की कुल 5 संतानें थीं। उनमें से केवल यशवंत आंबेडकर ही जीवित बचे और अन्य 4 बच्चों की शैशवावस्था में ही मृत्यु हो गई। उनमें से एक राजरत्न थे। राजरत्न का जन्म 1926 में हुआ था और उनकी मृत्यु भी उसी वर्ष, यानी 1926 में हुई। इसलिए वे अधिक समय तक जीवित नहीं रहे। राजरत्न आंबेडकर की मृत्यु और उस समय की स्थिति: राजरत्न का जन्म 1926 में हुआ था। उसी वर्ष उनकी मृत्यु हो गई। उस समय डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर गोलमेज सम्मेलन के लिए लंदन जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसी समय उनके पुत्र की मृत्यु का समाचार आया। इस घटना से डॉ॰ आंबेडकर और उनकी पत्नी रमाबाई बहुत दुखी हुए। इस घटना का अंबेडकर के जीवन और कार्य पर प्रभाव:

इस दुखद घटना ने डॉ. अंबेडकर को गहरा सदमा पहुँचाया, लेकिन उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से लोगों की सेवा करने का निश्चय किया। उन्होंने अपने पुत्र की स्मृति में दलितों और अन्य उत्पीड़ित लोगों के लिए काम करने का संकल्प लिया

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