चर्चा है कि विधायक राजनीती पुलिस शह सईया बने कोतवाल तब डर काहे का सारनी बगडोना मे सट्टे का अवैध धंधा बेखोफ संचालित.
चर्चा है कि विधायक राजनीती पुलिस की शह पर सईया बने कोतवाल तब डर काहे का.
सारनी बगडोना मे सट्टा का अवैध धंधा बेखोफ संचालित
मध्यप्रदेश के दक्षिण दिशा सतपुड़ा वादियों मे बैतूल आदिवासी जिला बसा हुआ है.यहां के लोग शांतिप्रिय सीधे साधे है. लेकिन जब से रोजगार समस्या बनी है.अपराध की गतिविधिया सट्टा जुआ जैसे दंडनीय अपराधिक धंधे बढे है.पुलिस का काम कानून व्यवस्था शांति बनाये रखना है.अपराधो को रोकना सुरुक्षा की भावना पैदा करना है. पुलिस की उदासिनता भृष्टाचारी रिस्वतखोरी और सफेदपोशधारी की मिलीभगत से जुआ सट्टा के अवैध धंधे साइबर अपराध ठगी धोकाधडी दुष्कर्म मारपीट हत्याए के गतिविधिया सामने आई है.अपराध के आरोपियों को गिरप्तार कर कार्यवाही करने मे पुलिस ने सफलता हासिल की है.लेकिन लोगो मे पुलिस विश्वास नही बना पायी है.सट्टा खेलना और सट्टेबाजी मे दाव लगाना गैरकानुनी अपराध है.समाज मे नकारात्मक परिणाम मे आर्थिक बर्बादी, मानसिक तनाव कलह घरेलु हिंसा जैसे अपराध होते है फिर सट्टाबाजी सट्टा का अवैध खेल बगैर पुलिस जानकारी के संचालित हो नही सकते है.चर्चा है कि सट्टा जुआ का अवैध धंधे विधायक राजनीती पुलिस का शह सईया बने कोतवाल तो तब डर काहे का चरितार्थ है.पुलिस और सफेदधारी दलाल नेताओ के खर्चे चलते है. है.सामाजिक और पारिवारिक अपराध है जो पुरे जिले की अपेक्षा सारनी मे साप्ताहिक बाजार मेन रोड पर बगडोना बस्ती मे बेखोफ हजारों रुपये की सट्टा पट्टी कटती है.सट्टा के अवैध खेल से घर परिवार टुट रहे है. घरेलु हिंसा, हत्या और आत्महत्या बढ रहे है.पढने वाले बच्चे बिगड़ रहे है.

