*नगर पालिका कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संगठन ने आयुक्त के साथ की बैठक, दै.वे.भो. को विनियमित करने की भी मांग* भोपाल में आयुक्त के साथ हुई सीधी चर्चा, आयुक्त ने संयुक्त परामर्श समिति बनाने के दिए निर्देश, सारनी के पदाधिकारी भी हुए बैठक में शामिल।_

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*नगर पालिका कर्मचारियों के नियमितिकरण को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संगठन ने आयुक्त के साथ की बैठक, दै.वे.भो. को विनियमित करने की भी मांग*

भोपाल में आयुक्त के साथ हुई सीधी चर्चा, आयुक्त ने संयुक्त परामर्श समिति बनाने के दिए निर्देश, सारनी के पदाधिकारी भी हुए बैठक में शामिल।

सारनी। नगर पालिका नगर निगम, अधिकारी, कर्मचारी संगठन ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल के आयुक्त के साथ गुरूवार 12 मार्च 2026 को मुलाकात कर चर्चा की। चर्चा में उन्होंने कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया। बैठक अपर आयुक्त श्री कैलाश वानखेड़े सहित अन्य अपर आयुक्तों एवं सहायक संचालकों की उपस्थिति में सम्पन हुई ।

नगर पालिका नगर निगम अधिकारी, कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न निकायों से आए संगठन के पदाधिकारियों ने आयुक्त से मुलाकात की। सारनी से जिला महामंत्री के अलावा इकाई अध्यक्ष जी.एस. पांडे भी बैठक में शामिल रहे। प्रदेश की विभिन्न नगर पालिकाओं में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की समस्या से आयुक्त को अवगत कराया गया। इसके अलावा विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के विनियमितिकरण पश्चात नियमित कारण की बात रखी गई। संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन तैयार कर आयुक्त से बिंदुवार चर्चा की। इसमें कर्मचारियों के हित में निर्णय लिए जाने की मांग की। विगत 10 से 20 वर्षों तक निकायों को सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर नियमित करने की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित, विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने से उनका और उनके परिवार का भविष्य सुधरेगा। उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिलेगा। इससे वे अपना जीवन यापन कर सकेंगे। सारनी से भोपाल गए जिला महामंत्री एवं इकाई अध्यक्ष जी.एस. पांडे ने सारनी स्तर की समस्याएं भी आयुक्त के समक्ष रखी।
बैठक में कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिस पर सकारात्मक सहमति बनी। प्रमुख मांगों में 1 सितंबर 2016 तक के समस्त वर्गों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमीकरण, विनियमित कर्मियों को नियमित करना, चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से घोषित कटौती , यांत्रिकी प्रकोष्ठ के रूप मे अघोषित कटौती बंद करने , तेहबाजारी पुनः प्रारंभ करना तथा चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करना शामिल है। इसके अलावा आउटसोर्स प्रथा समाप्त करने, समय पर वेतन , निकायों के सेटअप में तृतीय श्रेणी / चतुर्थ श्रेणी के अत्यावश्यक पदों को शामिल करने, फायर ब्रिगेड में कार्यरत फायरमैन को नियमित करने तथा मुद्रांक शुल्क की राशी पूर्व की भांति 3 % देने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी।
इस संबंध में आयुक्त ने कहा कि परामर्श समिति का संयुक्त रूप से गठन कर प्रतिमाह बैठक कर कर्मचारियों की समस्याओं को इसमें रखा जाएगा। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। उन्होंने इस हेतु विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, खंडवा, गुना, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, रायसेन, विदिशा, सिंगरौली, नर्मदापुरम समेत अन्य जिलों के निकाय के पदाधिकारी शामिल हुए।

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