चेतावनी – प्राईवेट अस्पताल मृत शरीर को बिल बाकी रहने कारण रोक नही सकते है। मृत शव को बंधक बनायें जाने पर अस्पताल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही। !
- चेतावनी –
प्राईवेट अस्पताल मृत शरीर को बिल बाकी रहने के कारण रोक नही सकते है!मृत शव को बंधक बनायें जाने पर अस्पताल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सहसचिव 21 फरवरी 24 को पत्र क्र.296/204785/2023/17/m-2 से प्राईवेट अस्पतालों में मृत शरीर को बिल बाकी रहने के कारण रोके जाने के मामले तथा शवों के परिवहन एवं संरक्षण संबंध स्वत संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि रोगियों की उपचार उपरांत मृत्यु हो जाने पर परिजनों द्वारा शव को प्राप्त न करने तक शव की गरिमामय एवं शीत संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने बिल बाकी रहने के कारण शव को न रोकने शव के परिवहन निःशुल्क व्यवस्था करने का सुनिश्चित करें। निर्देश में यह भी कहा गया है कि अस्पताल का उपचार बिल भुगतान के अभाव में मृतक के शव को बंधक बनायें जाने रखने की सुचना पर अस्पताल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
More Stories
5 फरवरी को महिलाओ के अधिकार के लिए नहेरु शासन काल मे हिन्दु कोड बील विधेयक संसद मे पेश किया था बाबा आम्बेकर ने महिलाओ को पता होना चाहिए.
5 फरवरी को महिलाओ के अधिकार के लिए नहेरु शासन काल मे हिन्दु कोड बील विधेयक संसद मे पेश किया...
क्या आप सिर्फ आरक्षण का लाभ लेना चाह रहे हैं? सलाह. शिक्षित श्रमिक वर्ग को प्रकाश अम्बेडकर की चुनौती
क्या आप सिर्फ आरक्षण का लाभ लेना चाह रहे हैं? सलाह. शिक्षित श्रमिक वर्ग को प्रकाश अम्बेडकर की चुनौती मुंबई:...
शोषित पिडितो खेतिहर मजदुरो के ने ता डां बाबा साहेब को सन् 1946 मे पुर्वी बंगाल से संविधान सभा मे जीत कर भेजनें वाले जोगिंदर मंडल 29 जनवरी को 122 वी जयंती पर हार्दिक अभिनन्दन
शोषित पिडितो खेतिहर मजदूरो के नेता डां बाबा साहेब को 1946 मे पुर्वी बंगाल से संविधान सभा मे भिजवाने वाले...
संविधान 🇮🇳 26 जनवरी 1950: जब भारत गणराज्य बना — नागरिकों से किए गए वादे क्या थे?*
संविधान 🇮🇳 26 जनवरी 1950 जब भारत गणराज्य बना — नागरिकों से किए गए वादे क्या थे? 26 जनवरी 1950...
26जनवरी गणतंत्र दिवस का 77वां दिन देशवासियो को हार्दिक शुभकामनायें. संविधान से ही बधुत्व भाईचारा असली ताकत है.
26जनवरी गणतंत्र दिवस का 77वां दिन देशवासियो को हार्दिक शुभकामनायें. संविधान से बधुत्व भाइचारा ही असली ताकत है. दो वर्ष...
युवा शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है राष्ट्र निर्माण और आत्मसम्मान के लिए 12जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है जिनको 1894मे शिकागो में धर्म सम्मेलन में व्याखान के लिए शंकाराचार्य ने अधिकृत नहीं किया था। बौद्ध भिक्षु अनागारिक धम्म पाल ने व्याख्यान का मौका दिया था।
युवा शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है राष्ट्र निर्माण और आत्मसम्मान के लिए 12जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती...
