बैतूल जिले के फिल्म निर्माता प्रदीप उईके को मिली पीएचडी की उपाधि
बैतूल जिले के फिल्म निर्माता प्रदीप उईके को मिली पीएचडी की उपाधि
बैतूल। जिले के “जंगल सत्याग्रह” फिल्म निर्माता, लेखक व निदेशक प्रदीप उईके को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल की ओर से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। यह उपाधि शासकीय नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम रिसर्च सेंटर में डॉ.एस.के. उदयपुरे के मार्गदर्शन में रसायन शास्त्र “बैतूल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिट्टी के रासायनिक गुणों और पोषक तत्वों में परिवर्तन पर जैविक और अकार्बनिक उर्वरकों के प्रभाव पर अध्ययन” विषय पर शोध कार्य पूर्ण करने पर दी गई है। यह शोध जिले के किसानों के लिये वरदान साबित होंगा। इसके अलावा श्री उईके ने मध्यप्रदेश राज्य पात्रता परीक्षा (SET) रसायन शास्त्र से उत्तीर्ण की है। प्रदीप उइके मुलताई तहसील के कोल्हिया-मालेगांव निवासी फिल्म के लेखक, निर्माता व निर्देशक प्रदीप उइके ने अपने अनुयायियों और शुभचिंतकों के साथ “जंगल सत्याग्रह” के माध्यम से क्रांतिकारियों के बलिदान और उनके शौर्य की वीर गाथा को बताया। बैतूल के जंगलों में साल 1930 के दौरान हुए जंगल सत्याग्रह की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में इस सत्याग्रह के मुख्य किरदार सरदार गंजन सिंह कोरकू, सरदार विष्णु सिंह गोंड समेत बैतूल के अन्य आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका को चित्रित किया गया है। उन्होंने बताया फिल्म बनाने की शुरुआत 2021 में की, थी जो बनकर तैयार है। यह फिल्म 2 घंटे 8 मिनट की है, जिसका प्रीमियर शो बैतूल कांति शिवा, मंगल भवन सहित भोपाल के विधानसभा भवन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिखाया गया है। अब विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को फिल्म ओटीटी या थिएटर में रिलीज की जाएगी। प्रदीप उईके की इन उपलब्धियों पर डॉ.प्रीति उदयपुरे, प्रो.रेणुका ठाकुर, प्रो.प्रियंका राय, डॉ.मनोज घोरसे, डॉ.पंचम कवडे, डॉ. सुनील काकोड़िया, डॉ. कमलेश जागरे, राजेश कुमार धुर्वे, किशोरीलाल धुर्वे, डॉ. राजा धुर्वे, परिवारजन सहित जिले के आदिवासी संगठनों और सैकड़ो शुभचिंतकों ने बधाई दी है।
