बिहार की वोटर अधिकार यात्रा: बदलती सियासत का नया संकेत|
बिहार की वोटर अधिकार यात्रा: बदलती सियासत का नया संकेत
✍️ *_मोहम्मद उवैस रहमानी_* 9893476893/9424438791
बिहार की राजनीति हमेशा से देश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती रही है।हाल ही में हुई वोटर अधिकार यात्रा ने यह साबित कर दिया कि जनता अब पहले से कहीं अधिक जागरूक है और अपने वोट के अधिकार को लेकर सजग हो चुकी है।
इस यात्रा को जिस तरह जनता का जबरदस्त समर्थन मिला और जनसैलाब उमड़ा,उसने साफ़ कर दिया है कि राज्य की सियासत एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है।यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने लगातार यह मुद्दा उठाया कि चुनावों में वोट चोरी और धांधली की घटनाएं लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।उनके इस संदेश ने आम जनता के दिल और दिमाग पर गहरा असर छोड़ा है।
नतीजा यह है कि आज बिहार ही नहीं,बल्कि पूरे देश में यही चर्चा है कि क्या चुनाव वाकई निष्पक्ष हो रहे हैं,या कहीं जनता की ताक़त को तंत्र द्वारा दबाया जा रहा है।जनता के इस मूड ने एनडीए खेमे की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के कई नेताओं की नींद उड़ चुकी है, क्योंकि यह जनआंदोलन केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर भी दिख सकता है। उपराष्ट्रपति चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक, हर जगह इस नैरेटिव का असर पड़ने की पूरी संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, INDIA गठबंधन के वरिष्ठ नेता अब इस मुद्दे पर एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं। विपक्ष मानता है कि अगर “वोट चोरी” के खिलाफ एक राष्ट्रीय अभियान चलाया गया, तो यह सत्ता की जड़ों को हिला सकता है।बिहार की यह वोटर अधिकार यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जनता के जागरण की निशानी है। जिस तरह का उत्साह और भीड़ देखने को मिली, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार से ही एक नई राजनीतिक धारा पूरे देश में बह सकती है। सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन लोकतंत्र को और मजबूत करेगा या फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगा—यह तो आने वाला समय ही तय करेगा।
