SC/ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट फैसले के विरुद्ध भारत बंद बरसते पानी में रैली धरना प्रदर्शन टीआई की उपस्थिति में नायाब तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया । सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र के उच्च राज्यसभा लोकसभा प्रस्ताव लाकर तत्काल निरस्त की मांग की

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SC/ST आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट  फैसले के विरुद्ध भारत बंद  बरसते पानी में  रैली धरना प्रदर्शन टीआई की उपस्थिति में नायब तहसीलदार को  ज्ञापन दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र के उच्च राज्यसभा लोकसभा प्रस्ताव लाकर त‌त्काल निरस्त की मांग की

 सारनी । 1अगस्त 24 को SC/ST 6-1न्याधीश खंडपीठ ने आरक्षण में वर्गीकरण क्रीमीलेयर फैसले के विरुद्ध 21अगस्त 24 को भारत बंद के आव्हान पर आरक्षण बचाओ संयुक्त मोर्चा के  तत्वावधान में रैली प्रदर्शन धरना हुआ। भारत बंद आंदोलन में SC/ST के महिला पुरूष सैकड़ों की संख्या में शामिल थे SC/ST के भारत बंद आंदोलन में सारनी व्यापारियों का भरपूर सहयोग रहा।शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र सारनी के SC/ST प्रबुद्ध जनों द्वारा शापिंग सेंटर डॉ बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा के सामने बगडोना कालेज गेट से हम आंबेडकर वादी है -अपने अधिकारो और संघर्ष करने  के  आदी है नारे के साथ रैली के रूप में प्रदर्शन करते हुए धरना स्थल पहुंचे जहां सुप्रीम कोर्ट के फैसले वर्गीकरण क्रीमीलेयर के विरुद्ध राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन बरसते पानी में बाबा साहेब डॉ आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सारनी थाना प्रभारी टीआई की उपस्थिति में नायाब तहसीलदार को दिया गया। आंदोलन के जन समुह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विगत 1अगस्त को SC/ST आरक्षण में वर्गीकरण क्रीमीलेयर का सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ 6-1का फैसला जो आया है वह संविधान के संवैधानिक मौलिक अधिकार के खिलाफ है।SC/ST समुह को शिक्षा और रोजगार में प्रगति के लिए आरक्षण स्थाई रूप से मिला हुआ है।कोटा में कोटा वर्गों में उपवर्गीयकरण SC/ST समुह में आपस में लड़वाने, पदोन्नति में आरक्षण नही देने का षड्यंत्र है आरक्षण सामाजिक आधार पर दिया है जाति आधारित नही।आज भी अनुसूचित दलितो के साथ जातिगत भेदभाव होता है मंदिरों में जाने नही दिया जाता है दुल्हा घोड़े पर बैठकर बारात नही निकल सकता है दलित सरपंच पंचायत में बैठे नही सकता तिंरगा नही फैरा नही सकता। आदिवासी गरीबी की दरिद्रता की तंगहाली में अपने बच्चों को बेचने के लिए मजबुर है। आर्थिक शोषण अत्याचार के शिकार है। SC/ST का बजट की राशि गौ माता और मंदिरों के रखरखाव में खर्च किया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने लेटरल एंट्री से  निजी क्षेत्र के विशेषज्ञो की लोकसेवाओ में सीधे भर्ती बगैर परिक्षा इन्टरव्यू के आई एस आई पी एस की नियुक्ति , जिसमें भी आरक्षण को को समाप्त करने का षंड़यंत्र है।SC/ST को आरक्षण से वंचित रखने का प्लान है। उन्होंने का कि देश से जातिवाद को जड़ से खत्म करें और पुना पेक्ट को हटाकर दोहरा मतदान का अधिकार दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र के उच्च राज्यसभा लोकसभा प्रस्ताव लाकर तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन में संवैधानिक न्यायिक आयोग द्वारा न्यायाधिशों का चयन किया जाये, न्यायिक व्यवस्था में एससी एसटी को प्रतिनिधित्व दिया जाये की मांग की है।भारत बंद के समर्थन में रैली प्रदर्शन धरना आंदोलन का संचालन राकेश महाले ने किया।श्री कलिराम पाटिल,किरण तायड़े, विशाल कड़वे,प्रभु मसत्कर, जितेन्द्र निरापुरे पंजाब वामनकर जोज़फ जान,का विशेष सहयोग रहा। नारायण चौकीकर,मुन्ना कापसे, त्रिलोक लोखंडे,अमन वानखेड़े, रवि राउत, कृष्ण, अविनाश सिंदूर हर्षवर्धन सोनोने, संतोष केथवास, कैलाश पाटिल,श्रीराम निरापुरे,पिरमू मालवी, रमेश नागले, घनश्याम आठनेरे, श्रीमती संगीता तायड़े, सुषमा महाजन श्रीमती सीता नागले, मनीषा माहाले,सविता सिरसाट, पंकज, बीआर पाटिल, अनिल सुर्यवंशी,आयुष राऊत, संजय पाटिल हेमंत कापसे, हर्षवर्धन सुनिल मर्सकोले, गौतम नागले,अजय सातनकर, सिद्धार्थ चौकीकर, पंकज खातरकर, सुनील भलावी आदि लोग उपस्थित थे।

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