भारत निर्वाचन आयोग का राजनैतिक दलों को एडवाइजरी जाति धर्म मंदिर के नाम पर बरगलाने वोट मांगने पर होगी सख्त कार्यवाही।

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भारत निर्वाचन आयोग का राजनैतिक दलों को एडवाइजरी जाति धर्म मंदिर के नाम पर बरगलाने वोट मांगने पर सख्त कार्यवाही।

भारत निर्वाचन आयोग भारत सरकार की स्वायत संवैधानिक संस्था है जिनके मुख्य चुनाव अधिकारी निष्पक्ष होने चाहिए भारत का निर्वाचन चुनाव आयोग  स्वायत संवैधानिक संस्था है या मोदी की संस्था बन गई है ? आम चर्चा जोरों पर है कि देश का प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक प्रेस मीडिया, कार्य पालिका यहां तक न्यायिक पालिका संवैधानिक संस्थाओं का कार्य मोदी के इशारे के बगैर नही भारत का चुनाव निर्वाचन कार्य मोदी के अनुसार चलता है। चुनाव में डुप्लिकेट वोटिंग होने का मामला सुर्खियों में है ईवीएम मशीन हैकिंग,खिलाफ आन्दोलन बैलेट पेपर से चुनाव की मांग जोर पकड़ा हुआ है लेकिन चुनाव निर्वाचन आयोग के कानों में जूं तक नही रैंग रही और चुनाव निर्वाचन आयोग चुनाव कराने की तैयारी में लगा हुआ। इस बार  लोकसभा में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने हेतु  चुनाव आचार संहिता के तहत राजनैतिक दलों को एडवाइजरी दे रहा है कि आचार संहिता का उल्लघंन करने पर सख्त कार्यवाही होगी।आयोग ने  एडवाइजरी दी कि चुनाव आचार संहिता में धर्म के नाम पर वोट मांग तो खैर नही,संयम और शिष्टाचार बरतें, भड़काऊ भाषण, मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा अन्य किसी धार्मिक स्थलों एवं जाति धर्म के नाम बरगलाने पर वोट मांगा तो होगी प्रत्याशी पर कड़ी कार्यवाही मोदी भाजपा राजनैतिक दल को छोड़ अन्य राजनैतिक दलों को दी जा रही है। इस बार के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग इतना सख्त है तो राममंदिर का चुनावी प्रोपोगंडा नही चल पाने से भाजपा को नुकशान होगा? व्यक्तिगत टिका टिप्पणी भड़काऊ भाषण के खिलाफ चुनाव आयोग की कार्यवाही देखने वाली होगी क्योंकि चुनाव वोटिंग संबंधी हजारों शिकायतों पर चुनाव आयोग ने देखना और ध्यान देना जरूरी नही समझा है

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