बैतूल में होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन की 270वीं जयंती मनाई

Spread the love
Read Time:3 Minute, 3 Second

बैतूल में होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमैन की 270वीं जयंती मनाई

बैतूल। होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की 270वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को बैतूल के होटल ग्रीन प्लेस में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बैतूल के सभी होम्योपैथिक चिकित्सकों और आयुष मेडिकल एसोसिएशन बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश परिहार, डॉ. जी.डी. राठी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकिकर, डॉ. सुनील महाले और डॉ. अनंत मालवीय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज वरवड़े ने कुशलतापूर्वक किया।
इस अवसर पर होम्योपैथी के क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों को शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, होम्योपैथिक चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. प्रमोद भालेकर ने डॉ. हैनिमैन के होम्योपैथी में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला, वहीं डॉ. सुजाता सिंह ने होम्योपैथी के कार्य करने के तरीके और इसके द्वारा उपचार की प्रक्रिया पर जानकारी दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. विशाल धोटे, डॉ. ओम चौहान, डॉ. मनोज वरवड़े, डॉ. प्रमोद भालेकर और डॉ. प्रदीप बिहारे का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह की अध्यक्षता आयुष मेडिकल एसोसिएशन बैतूल के अध्यक्ष डॉ. सुमित मद्रेले ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. विनय चौहान, डॉ. अरुण जयसिंहपुरे, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. सैलेंद्र सोनी, डॉ. कृष्णा पाटणकर, डॉ. जगन्नाथ चेरकी, डॉ. रितेश कुम्भारे, डॉ. रितेश सोनी, डॉ. देवेंद्र लिल्होरे और डॉ. कमलेश रघुवंशी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, बैतूल जिले के अन्य चिकित्सक जैसे डॉ. बी.डी. सिनोटिया, डॉ. संदीप पारखंडे और डॉ. नरेश पानसे भी उपस्थित रहे। यह आयोजन होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके महत्व को रेखांकित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Previous post भोपाल में वक़्फ़ संशोधन बिल के ख़िलाफ़ हज़ारों लोग— सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान गूंज उठा ‘वक़्फ़ की हिफ़ाज़त’ के नारों से।
Next post जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संजय निकुंज नर्सरी के कुएं की श्रमदान से हुई सफाई