हरियाणा में आईपीएस अधिकारी की जातिभेद भाव उत्पीड़न, सुप्रीम कोर्ट के आम्बेडकरी मुख्य न्यायाधीश पर जुत्ता फेंकने का प्रयास की घोर निंदनीय घटना लोकतांत्रिक संविधानिक पद गरीमा मर्यादा स्वाभिमान अधिकार का अपमान।

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हरियाणा में आईपीएस अधिकारी की जातिभेद भाव उत्पीड़न, सुप्रीम कोर्ट के आम्बेडकरी मुख्य न्यायाधीश पर जुत्ता फेंकने का प्रयास की घोर निंदनीय घटना लोकतांत्रिक संविधानिक पद गरीमा मर्यादा स्वाभिमान अधिकार का अपमान।

विगत 7 अक्टूबर 25 को हरियाणा में 2001बैच के आम्बेडकरी आईपीएस अधिकारी वाई कुमार ने अपने विभाग के ही आईपीएस ,आईएस  अधिकारी के खिलाफ  उत्पीड़न जाति भेदवाद  प्रताड़ना दबाव से तंग आकर आत्महत्या करने की निंदनीय घटना ने झंझोर कर दिया है। आईपीएस अधिकारी ने अपने पत्नी के नाम लिखे 8 पेज के सुसाइड पत्र में डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाये हुए लिखा हुआ कहा जाता है।6 अक्टूबर 25 को सुप्रीम कोर्ट के आम्बेडकरी मुख्य न्यायाधीश बीआर गंवई पर वकिल राजकिशोर द्वारा जुत्ता फेंकने का प्रयास होता है।इस तरह की घटनाएं घोर निंदनीय अपमान जनक है। देश में जाति भेदभाव उत्पीड़न सर हावी होकर बोल रहा पढ़ा-लिखा जिम्मेदार काबिलियत नही देख रहा। धर्म की रक्षा, आस्था, सनातन के नाम पर संविधानिक पद का अपमान के साथ गरीमा मर्यादा स्वाभिमान अधिकार का अपमान हुआ है।विगत 7 अक्टूबर 25 को हरियाणा में 2001बैच के आम्बेडकरी आईपीएस अधिकारी वाई कुमार ने अपने विभाग के ही आईपीएस ,आईएस अधिकारी के खिलाफ उत्पीड़न जाति भेदवाद प्रताड़ना दबाव से तंग आकर आत्महत्या करने की निंदनीय घटना ने झंझोर कर दिया है। आईपीएस अधिकारी ने अपने पत्नी के नाम लिखे 8 पेज के सुसाइड पत्र में डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाये हुए लिखा हुआ कहा जाता है।6 अक्टूबर 25 को सुप्रीम कोर्ट के आम्बेडकरी मुख्य न्यायाधीश बीआर गंवई पर वकिल राजकिशोर द्वारा जुत्ता फेंकने का प्रयास होता है।इस तरह की घटनाएं घोर निंदनीय अपमान जनक है। देश में जाति भेदभाव उत्पीड़न हावी होकर बोल रहा पढ़ा-लिखा जिम्मेदार काबिलियत नही देखी जा रही है। दलित बहुजन समाज उच्च शिक्षित काबिलियत आईपीएस आईएस के हालात यह तो आम गरीबो की हालात क्या होंगे? धर्म की रक्षा, आस्था, सनातन के नाम पर लोकतांत्रिक संविधानिक पद का सीधा अपमान के साथ गरीमा मर्यादा स्वाभिमान अधिकार का अपमान हुआ है। सभी पढ़ें लिखे उच्च शिक्षित आईएएस आईपीएस को यह सोचना चाहिए कि कितने भी काबिल बड़े अफसर क्यो न बन जाये जाति पिछा नही छोड़ती है।हिन्दु धर्म असामनता पर आधारित है और इसकी संरचना जाति-व्यवस्था है उसके गुलाम बनाना सबको त्यागना चाहिए। समाज की तरफ ध्यान देते हुए आम्साबेडकरी मिशन पर फोकस कर संगठित होकर अपनी आम्बेडकरी राजनीतिक पार्टी को शक्तिशाली बनाने में ध्यान देना चाहिए। क्योंकि राज्यनैतिक शासन ब्राह्मणी हिन्दु मनुवादीयो के हाथ में है जो देश में संविधान और लोकतंत्र समाप्त कर मनुस्मृति सामाजिक व्यवस्था में हिन्दुराष्ट्रीवाद लाने का प्रयास है।

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