स्वामित्व भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

Spread the love
Read Time:3 Minute, 3 Second

स्वामित्व भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बैतूल। मलकापुर गांव के एक किसान ने अपने स्वामित्व की भूमि पर लगे हरे-भरे फलदार वृक्षों की अवैध कटाई को लेकर  जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है। किसान का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने चोरी-छिपे और जानबूझकर उसकी भूमि में लगे बहुमूल्य वृक्षों को काट दिया, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ज्ञापन के अनुसार मलकापुर निवासी शशांक मेहतो आवेदक की खसरा नंबर 42, रकबा 2.258 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इस भूमि का एक हिस्सा, रकबा 1.693 हेक्टेयर, अन्य सहखातेदारों द्वारा 13 फरवरी 2025 को अनावेदकों को विक्रय कर दिया गया था। किंतु उक्त रजिस्ट्री में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि उक्त भूमि पर कोई वृक्ष मौजूद हैं। आरोप है कि बेची गई भूमि में एक भी पेड़ नहीं था, जबकि बचे हुए भाग में आवेदक के स्वामित्व वाले दो बेर, एक सिरअमली, चिचोला और आम जैसे फलदार वृक्ष मौजूद थे।
आवेदक का कहना है कि 21 अप्रैल 2025 को शाम 4 बजे अनावेदकगण जबरन उसकी भूमि पर पहुंचे और वहां लगे वृक्षों को काट डाला। जब उसने विरोध किया तो अनावेदकों ने न सिर्फ उसे गाली-गलौच की, बल्कि गंभीर जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि यह जमीन हमारी है, और हम कहीं भी पेड़ काट सकते हैं। कोई हमें रोक नहीं सकता, हमारी पहुंच ऊपर तक है। घटना के पश्चात पेड़ों के ठूंठ मौके पर देखे जा सकते हैं। इस अवैध कटाई से आवेदक को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान ने बताया कि अनावेदकों का व्यवहार अत्यंत आक्रामक और असामाजिक था, जिससे उनका परिवार भयभीत है। उसे आशंका है कि अनावेदक और उनके साथ आए गुंडे भविष्य में कोई और अप्रिय घटना भी अंजाम दे सकते हैं। आवेदक ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अनावेदकों कल्पना वर्मा, कुलदीप वर्मा, राजकुमार वर्मा सहित अन्य के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जाए।
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Previous post बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता रथ यात्रा का शुभारंभ
Next post “वादा निभाओ सरकार”: अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को भेजे पोस्टकार्ड