आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर निश्चित मानदेय 18 हजार रुपए देने की मांग तीन माह का रूटींग इंसेंटिव एवं एक्टीविटी का बकाया भुगतान किया जाए आशा, उषा महिला कार्यकर्ता संगठन ने रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

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आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर निश्चित मानदेय 18 हजार रुपए देने की मांग

तीन माह का रूटींग इंसेंटिव एवं एक्टीविटी का बकाया भुगतान किया जाए

आशा, उषा महिला कार्यकर्ता संगठन ने रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

बैतूल। आशा, उषा महिला कार्यकर्ता संगठन ने तीन माह का रूटींग इंसेटिव एवं एक्टीविटी का बकाया भुगतान किए जाने तथा ग्रामीण एवं शहरी आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर निश्चित मानदेय 18 हजार रुपए दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर विशाल रैली निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। 
ज्ञापन के माध्यम से संगठन की जिला अध्यक्ष शबाना शेख ने बताया कि सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिनस्थ मध्य प्रदेश की 85 हजार आशा कार्यकर्ता शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की स्वास्थ्य जानकारी के लिए सर्वे टीकाकरण, स्वच्छता जांच, बच्चा देखभाल, संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु रोकथाम, आयुष्यमान कार्ड बनवाने, टीवी, कुष्ठ रोग, मलेरिया, डेंगू, हाथी पाव जैसी गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान देते आ रही है। जिसके लिए उन्हें कोई मानदेय या वेतन नहीं दिया जाता, बल्की अल्प प्रोत्सहान राशि का भुगतान किया जाता है। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा किये गये कार्य से स्वास्थ के क्षेत्र में क्रांतीकारी परिवर्तन करते हुए है। स्वास्थ्य सुविधा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे है। बावजूद इसके आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है, जो न्याय संगत नहीं है।

—आशा कार्यकर्ताओं की यह है प्रमुख मांग—

आशाओं को रूटींग इंसेंटिव एवं जो प्रोत्सहान राशि दी जाती है उसकी रिसीविंग रसीद दी जाए, ग्रामीण एवं शहरी आशा कार्यकर्ताओं को सामान्य कार्य का भुगतान समान किया जाए, आशा कार्यकताओं को गैर विभागीय कार्यों पर रोक लगाई जाए, सभी पुरानी एवं नयी कार्यकर्ताओं की   सेवानिवृत्ति अवधि 60 वर्ष के स्थान पर 62 वर्ष की जाए , तथा सेवानिवृत्ती पर एकमुश्त राशि 10 लाख  दी जाए। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं को प्रसव से पीड़ित महिलाओं का 24 घंटे में रात में कभी फोन आ सकता है, इस सुविधा को देखते हुये सभी जिलों में स्मार्टफोन एंड्राइड मोबाइल एवं इंटरनेट की सुविधा के साथ बैलेंस दिया जाए , आशा-उषा कार्यकर्ताओं को कार्य के दौरान दुर्घटना में घायल होने की उपस्थिति में पूर्ण इलाज और विभाग की ओर सूचित किया जाए, आशा कार्यकर्ताओं को किराया भत्ता दिया जाए। इस अवसर पर रेखा पवार, रुक्मणी पवार, लता वर्मा, संगीता खादेकर, संगीता चौकीकर, सुषमा निरापूरे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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