JNU यहां बाबा का नहीं बाबासाहेब का राज चलता है
JNU यहां बाबा का नहीं बाबासाहेब का राज चलता है
JNU छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा है “यह JNU है यहां बाबा का नहीं बाबासाहेब का राज चलता है” तुम्हारी मनुवादी और ब्राह्मणवादी सोच को रोज आग लगाई जाएगी”।
अदिति मिश्रा स्वयं ब्राह्मण परिवार से हैं लेकिन ब्राह्मणवादी और मनुवादी सोच को अच्छे से जानती है, कि यह सोच राष्ट्रनिर्माण में बाधक है।
अदिति ने ये कहने से पहले भारत के इतिहास और संस्कृति का समग्रता से अध्ययन जरूर किया होगा। _मेरा मानना है कि मनुवादी विचारधारा देश को तोड़ने का काम करती आई है। इसने कभी भी भारत को सामाजिक रूप से एकता के सूत्र में पिरोने का काम नहीं किया है उल्टा जात पात और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाकर भारत के सामाजिक ताने बाने को खंड खंड किया हैं। जिससे विदेशी आक्रमणकारियों के लिए भारत को गुलाम बनाना बहुत आसान हो गया था।इस प्रकार “मनुवाद के कारण भारत को सैकड़ों वर्षों तक विदेशी गुलामी झेलनी पड़ी है।”
निश्चित रूप से अंबेडकरवादी सोच राष्ट्र निर्माण की सोच है और मनुवादी सोच राष्ट्र को तोड़ने की सोच है। देश के युवा होने के नाते फैसला आपको करना है कि आप किसके साथ है।इसमें आपकी जाति या धर्म कोई मायने नहीं रखता है। रखता है तो सिर्फ आपका बौद्धिक स्तर और भारत के इतिहास की आपकी समझ।
जितेन्द्र आमकरे नगर अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी सेंधवा जिला बड़वानी मध्य प्रदेश
More Stories
मध्य प्रदेश भोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे, ना विशेषज्ञ डाक्टर है, न जाँच उपचार की मशीने ?
कलीराम पाटिल मध्य प्रदेश भोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे, ना विशेषज्ञ डाक्टर है, न जाँच उपचार की...
सावधान – आगे गढ्ढा है….? कहानी जियो दुसरो के लिए… लेखक निर्मलदास मानकर
"जिओ दूसरों के लिए" कहानी लेखक — निर्मल दास मानकर सुबह से ही आसमान का मिजाज कुछ बदला-बदला था। बादलों...
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच सारनी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर...
लोकल फॉर वोकल को मिलेगा बढ़ावा
बैतूल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में 24 अगस्त से चार दिवसीय भव्य राखी मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। आजीविका मिशन...
