स्वामी विवेकानंद युवा विचार मंच सारणी ने एवं महिला मंडल समूहों के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद जी की 163 वी जयंती मनाई

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स्वामी विवेकानंद युवा विचार मंच सारणी ने एवं महिला मंडल समूहों  के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद जी की  163 वी जयंती मनाई।

स्वामी विवेकानंद युवा  विचार मंच एवं महिला मंडल समूहों के सयुक्त  तत्वाधान में  प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी  राम मंदिर परिसर   स्थित स्वामी विवेकानंद  जी मूर्ति के समक्ष माल्यार्पण   पुष्प अर्पित कर दीप जलाकर पूजन स्वामी विवेकानंद की 163 वी वर्षगांठ जयंती  धूमधाम से मनाई गई  ।  जिसमें स्वामी विवेकानंद विचार मंच के सदस्य मुख्य वक्ता के रूप  रंजीत डोंगरे ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जन्म 12 जनवरी 1863 निधन 4 जुलाई 1902  एक महान भारतीय संत और आध्यात्मिक गुरु थे, जिनका बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था, जिन्होंने भारतीय दर्शन, वेदांत और योग को विश्व में फैलाया, खासकर 1893 के शिकागो धर्म सम्मेलन में अपने प्रभावशाली भाषण से ख्याति पाई; उन्होंने रामकृष्ण मठ और मिशन की स्थापना की और ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ जैसे ओजस्वी विचारों से युवाओं को प्रेरित किया, उनका जीवन भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद का प्रतीक है

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

जन्म12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था मातापिता माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक और पिता विश्वनाथ दत्त बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त जो बचपन से ही तीव्र बुद्धि और जिज्ञासा वाले थे शिक्षा ईश्वर चंद्र विद्यासागर संस्थान और प्रेसीडेंसी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की जहां उन्होंने पाश्चात्य दर्शन और विज्ञान का अध्ययन किया रामकृष्ण परमहंस से मिले, जो उनके आध्यात्मिक गुरु बने और जिनसे उन्होंने वेदांत और योग की शिक्षा ली संन्यास लेने के बाद उनका नाम ‘स्वामी विवेकानंद’ पड़ा और वे रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य बन गए

प्रमुख कार्य और योगदान

शिकागो धर्म सम्मेलन 1893 भारतीय आध्यात्म और संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया और विश्व स्तर पर पहचान बनाई रामकृष्ण मठ और मिशन अपने गुरु के नाम पर स्थापना की जिसका उद्देश्य समाज सेवा और शिक्षा था राष्ट्रवाद और समाज सुधार: राष्ट्रवाद को आध्यात्म से जोड़ा, जातिवाद और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई पुस्तकें राजयोग  ज्ञानयोग कर्मयोग जैसी पुस्तकें लिखीं

तिथि 04 जुलाई1902 को मात्र 39 वर्ष की आयु में ध्यान करते हुए महासमाधि ली ।इस अवसर खेड़ापति वाली माता स्व‌सहायता समूह कि अध्यक्ष उर्मिला बर्डे दीक्षा स्वा सहायता समूह  अध्यक्ष कमला जगदेव  मां ताप्ती समूह अध्यक्ष  उमा घोरपडे कार्तिक स्व सहायता समूह

अध्यक्ष अंजनी मालवी

सचिव रीता गोस्वामी

सदस्य दुर्गा  पटने माँ लक्ष्मी स्व सहायता समूह अध्यक्ष उर्मिला वाघमारे सचिव शर्मिला राजवंशी गरिमा स्व सहायता समूह और

अध्यक्ष अमरकली

सचिव सुषमाअनुसाया स्वयं सहायता समूह अनसूया माया सुनीतापवार संगीता गायत्रि  पुष्पा साहू गीताबाई सुजाता स्वसहायता समुह अध्यक्ष  सुनीता बर्डे सचिव लक्ष्मी विश्वकर्मा अध्यक्ष  कमलती धुर्वे भद्रकाली स्व सहायता समूह से अध्यक्ष माधुरी चौहान सचिव बुलबुल चौहान सदस्य राधा चौहान ममता चौहान मीना चौहान  आदि अन्य मातृ शक्ति गण भारी संख्या में उपस्थित थे ।

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