महाराष्ट्र के नासिक मे महाराष्ट्र के मंत्री ने संविधान निर्माता डां बाबा साहेब का उल्लेख नाम नही लेने पर महिला वन विभाग कर्मचारी ने आपत्ति की.राजनैतिक हलचल शुरू मंत्री ने सार्वजनिक रुप से माफी मागी वंचित बहुजन अघाडी ने मंत्री पर एट्रोसिटी एक्ट तहत गुनाह लगाने की मांग की.

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महाराष्ट्र के नासिक मे महाराष्ट्र के मंत्री ने संविधान निर्माता डां बाबा साहेब का उल्लेख नाम नही लेने पर महिला वन विभाग कर्मचारी ने आपत्ति की.राजनैतिक हलचल शुरू मंत्री ने सार्वजनिक रुप से माफी मागी वंचित बहुजन अघाडी ने मंत्री पर एट्रोसिटी एक्ट तहत गुनाह लगाने की मांग की.

महाराष्ट्र के नासिक मे नासिक राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस ध्वजारोहण के समय भाषण मे महाराष्ट्र राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन द्वारा डाँ. बाबा साहेब आम्बेडकर का नाम का उल्लेख नही लिए जाने पर वन विभाग की कर्मचारी ने आपत्ति जताई इसके बाद मंत्री को सार्वजनिक रुप से माफी मांगनी पडी. यहां उल्लेखनीय है कि डां बाबा सहाब के लिखित संविधान की वजह से देश लोकतंत्र प्रजातंत्र स्थापित हुआ सम्मान मिल रहा है. जनप्रतिनिधि बन रहे नौकरी कर रहे है.गणतंत्र प्रजासत्ता दिवस के रुप मनाया जाता है. वन विभाग की कर्मचारी माधवी का मंत्री के भाषण का विरोध सही है. ऐसी ही बहनो की वजह से जिन्होंने अपनी नौकरी तक की परवाह नही की. संविधान सुरक्षित है.वंचित बहुजन अघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकर कहा की मंत्री की पुरी घटना गुनाह के अंतर्गत एस्ट्रोसिटी एक्ट मे आती है.मंत्री पर गुनाह दाखिल होना चाहिए.वंचित बहुजन अघाडी महिला कर्मचारी माधवी जाधव के साथ है.वंचित बहुजन अघाडी ने मंत्री पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की मांग की है गुनाह दाखिल न होने पर आन्दोलन की चेतावनी की घोषणा की है.

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