अनुसूचित जाति दलित वर्ग का संवैधानिक पहचान राष्ट्रीय जनगणा रजिस्टर कालम में अनुसूचित जाति लिखवाये।
Read Time:1 Minute, 38 Second
अनुसूचित जाति दलित वर्ग का संवैधानिक पहचान
राष्ट्रीय जनगणा रजिस्टर कालम में अनुसूचित जाति लिखवाये।
इस साल 2025 में भारत सरकार की एनपीआर जनगणना की घोषणा से जनगणना की जा सकती संभावना है।राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में जाति के कालम में सिर्फ अनुसूचित जाति ही लिखे ताकि अनुसूचित जाति समाज का जनसंख्या आंकड़ा सरकार तक पहुंचेगा। जनगणना का उद्देश्य अनुसूचित जाति की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।संवैधानिक जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति समाज के लोगों अधिकार भी मिलते रहेंगे। इतिहासिकानुसार अनुसूचित जाति की अस्पृश्य जातिया हिन्दु धर्म की जातियां नहीं है बाहर की जातियां है। एक स्वतंत्र वर्ग के लोग हैं। वर्ष १९३१ जनगणना में अनुसूचित अस्पृश्य जातियों की सुची तैयार की गई थी। जिसमें ११०८ जातिया शामिल हुई थी, और उसी सुची के आधार पर बाबा साहेब आंबेडकर ने अंग्रेजों से लड़कर मानवीय अधिकार दिलाने में सफल हुए थे। अनुसूचित जाति दलित वर्ग की संवैधानिक पहचान है।
More Stories
मध्य प्रदेश भोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे, ना विशेषज्ञ डाक्टर है, न जाँच उपचार की मशीने ?
कलीराम पाटिल मध्य प्रदेश भोपाल का एम्स अस्पताल नाम बढे दर्शन खोटे, ना विशेषज्ञ डाक्टर है, न जाँच उपचार की...
सावधान – आगे गढ्ढा है….? कहानी जियो दुसरो के लिए… लेखक निर्मलदास मानकर
"जिओ दूसरों के लिए" कहानी लेखक — निर्मल दास मानकर सुबह से ही आसमान का मिजाज कुछ बदला-बदला था। बादलों...
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच सारनी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर...
लोकल फॉर वोकल को मिलेगा बढ़ावा
बैतूल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में 24 अगस्त से चार दिवसीय भव्य राखी मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। आजीविका मिशन...
