पक्षकारों को नि:शुल्क एवं त्वरित न्याय प्रदान करना लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य: न्यायाधीश श्री प्राण नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 सितंबर को

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पक्षकारों को नि:शुल्क एवं त्वरित न्याय प्रदान करना लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य: न्यायाधीश श्री प्राण
नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 सितंबर को
बैतूल, 25 अगस्त 2024
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय बैतूल एवं तहसील न्यायालय मुलताई, भैंसदेही तथा आमला में 14 सितंबर 2024 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में जिन पक्षकारों का राजीनामा होगा, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से  फलदार पौधे वितरित किए जाएंगे।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल श्री प्राणेश कुमार प्राण ने बताया कि पक्षकारों को नि:शुल्क एवं त्वरित न्याय प्रदान करना लोक अदालत का मूल उद्देश्य है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक गरीबी या अन्य कारणों से न्याय पाने से वंचित न रह जाए। वर्तमान में लोक अदालत सर्वाधिक लोकप्रिय और कारगर व्यवस्था के रूप में अपना स्थान बना चुकी है। लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, चेक बाउंस के प्रकरण, धन वसूली संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना से संबंधित मामले, श्रम संबंधी विवादों के मामले, विद्युत चोरी के मामले, वैवाहिक मामले, भूमि अधिग्रहण संबंधी मामले, राजस्व संबंधी मामले एवं अन्य दीवानी मामलों का निराकरण लोक अदालत में किया जाता है। यदि कोई पक्षकार जिसका कोई मामला न्यायालय में चल रहा हो और वो अपने प्रकरण को लोक अदालत में लगाना चाहता है, तो पक्षकार स्वयं या उसके अधिवक्ता संबंधित न्यायालय में एक सादा आवेदन पत्र लगाकर अपना मामला लोक अदालत की खंडपीठ के समक्ष लगा सकता है।
लोक अदालत एक नि:शुल्क प्रक्रिया
लोक अदालत विवादों का निराकरण करने की वैकल्पिक व्यवस्था का नाम है, जिसकी नि शुल्क प्रक्रिया होती है तथा समझौते के लिए कोई फीस नहीं लगती है। इस व्यवस्था के अंतर्गत न्यायालयों में चले आ रहे लंबित मामलों का तथा ऐसे मामले जो अभी न्यायालय के समक्ष नहीं लगाए गए है उनका निराकरण मामलों के दोनों पक्षकारों के साथ बातचीत करके और उनकी सहमति से राजीनामा के आधार पर निष्कपट भाव से राजीनामा कराया जाता है। लोक अदालत में मामलों का निराकरण करने के लिए खण्डपीठों का गठन किया जाता है। खंडपीठ में एक पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश व एक अधिवक्ता सदस्य होते है, जो सम्मिलित प्रयास करके पक्षकारों को उनके मामलों में राजीनामा करने के लिए प्रेरित करते है।
पक्षकारों को फलदार पौधे करेंगे वितरित
जिला न्यायाधीश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल ने बताया कि जिन पक्षकारों का राजीनामा होगा उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक फलदार पौधा वितरित किया जाएगा। यदि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किसी प्रकरण का निराकरण किया जाता है तो उसके फैसले को अदालत का फैसला माना जाता है और उसकी कोई अपील नहीं होती है।

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