हीरापुर पंचायत में सहायक सचिव की तानाशाही से त्रस्त ग्रामीण, केंद्रीय मंत्री से की शिकायत न्याय की गुहार लगाई

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हीरापुर पंचायत में सहायक सचिव की तानाशाही से त्रस्त ग्रामीण, केंद्रीय मंत्री से की शिकायत न्याय की गुहार लगाई ।

बैतूल। विकासखंड घोड़ाडोंगरी की ग्राम पंचायत हीरापुर में पदस्थ सहायक सचिव की कार्यशैली से ग्रामवासी बुरी तरह परेशान हैं। सहायक सचिव नारायण पिता युवराज सिसोदिया पर तानाशाही रवैया अपनाने, शासकीय योजनाओं की जानकारी नहीं देने और ग्रामीणों से पैसों की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि उन्होंने इसकी शिकायत पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके से मुलाकात कर सहायक सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। ग्रामवासियों ने बताया कि सहायक सचिव की लापरवाही के चलते ग्राम पंचायत में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं दी जाती, जिससे पात्र लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। कई बार ग्रामीणों को यह कहकर टाल दिया जाता है कि पंचायत का पोर्टल नहीं चल रहा है। इस बहाने से आवश्यक कार्यों में देरी की जाती है।

—पैसे की मांग और फोन रिसीव न करना बना आदत—

ग्रामवासियों का कहना है कि सहायक सचिव से जब भी कोई जरूरी कार्य होता है, तो वह अक्सर पैसे की मांग करते हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां किसी सरकारी योजना से जुड़ा काम करवाने के लिए ग्रामीणों को  अनाफिशियल रूप से पैसे देने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा सचिव द्वारा आम जन के फोन कॉल्स भी रिसीव नहीं किए जाते, जिससे लोगों को उनसे संपर्क करने में काफी परेशानी होती है।

–शिकायतें पहुंचीं अधिकारियों तक, पर नहीं हुई कार्रवाई—

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इन सभी समस्याओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन, जनपद पंचायत, जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को कई बार शिकायतें की हैं। शिकायतों की जांच चल रही है, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। इससे ग्रामवासियों में गहरा असंतोष है
स्थिति से तंग आकर अब ग्रामवासी केंद्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके से मिले और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत हीरापुर के सहायक सचिव को तत्काल हटाया जाए और निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत में पारदर्शिता के साथ शासन की योजनाएं लागू की जा सकें और आम जनता को राहत मिले। ज्ञापन देने वालों में परितेश बिश्वास, मनोज बिश्वास, मनीष, रंजन सरकार, कृष्णा, अमन मंडले सहित अन्य ग्रामीण शामिल है।
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