भाषा विवाद राष्ट्रीय एकता अखंडता के लिए खतरा
भाषा विवाद राष्ट्रीय एकता अखंडता के लिए खतरा
भारत एक संघ लोकतांत्रिक विभिन्न भाषाओं बोलियां बोलने वाला देश है अनेकता में एकता हमारी खुबसूरती ताकत है। हमारे देश में किसी भी राज्य का नागरिक किसी भी राज्य में व्यापार धंधा नौकरी करके घर बनाकर स्थाई होकर रह सकता भाषा बोल सकता अपना सकता देश का संविधान सभी नागरिकों के लिए समानरूप स्वतंत्रता और अधिकार देता है। देश की एकता और संस्कृति के विकास लिए एक भाषा का होना अनिवार्य है। भारत में 29 राज्य और 9 केन्द्रीय शासित राज्य है। सभी राज्यों में सभी भाषाओं को मानने वाले बोलियों को बोलने वाले हिन्दू मुस्लिम समाज के लोग रहते है। मराठी भाषा सबसे चर्चित भाषा है आठवीं अनुसूची में शामिल तीसरी भाषा के आधार पर अधिमान्यता दी है। हिन्दी भाषा देवनागरी लिपि में राष्ट्रीय भाषा अधिकृत और अंग्रेजी भाषा को अंतरराष्ट्रीय भाषा अनिश्चितकालीन मान्यता दी गयी है। महाराष्ट्र में मराठी नही बोलने पर मारपीट गुंडागर्दी राष्ट्रीय एकता के लिए आघात खतरा गृहयुद्ध की संभावना है। बंगाली, गुजराती, कन्नड़,मलियालम, उड़िया, पंजाबी,सिंधी, तमिल तेलुगु,उर्दू नेपाली इस तरह से 22 प्रकार की भाषाओं को संघी भारत देश में मान्यता दी गई है।इस तरह भाषा को लेकर विवाद होता रहे तो हमारा देश एकता और अखंडता को बनाए रखने वाली संविधान की बंधुता खत्म हो जायेगी। इसलिए भाषाओ पर राजनीति सियासत बंद होनी चाहिए। भाषाओ को लेकर मारपीट विवाद गुंडागर्दीयो करने वाले कट्टर मराठी हिन्दुत्व वाला राष्ट्रभक्त हो नहीं हो सकते है। शक्त कानुनी कार्यवाही होनी चाहिए।
More Stories
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच
*राष्ट्रीय खेल दिवस: सारनी ए और जूनियर टीम ने जीते फुटबॉल मैच सारनी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर...
लोकल फॉर वोकल को मिलेगा बढ़ावा
बैतूल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में 24 अगस्त से चार दिवसीय भव्य राखी मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। आजीविका मिशन...
ग्राम घुघरी धर्म परिवर्तन प्रकरण के फरार आरोपी गुणवंत मालेवार पर पुलिस अधीक्षक बैतूल ने ₹10,000 का इनाम घोषित किया
*ग्राम घुघरी धर्म परिवर्तन प्रकरण के फरार आरोपी गुणवंत मालेवार पर पुलिस अधीक्षक बैतूल ने ₹10,000 का इनाम घोषित किया*...
बौध्द विहारो मे आम्मेडकरी बौध्द आनुयाईयो द्वारा र्अषाढ पुर्णिमा अर्थात गुरू गुरुपूर्णिमा से तीन महीने का वर्षावास
बौध्द विहारो मे आम्मेडकरी बौध्द आनुयाईयो द्वारा तीन महीने का वर्षावास प्रारम्भ। (more…)
